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भारत-चीन की तनातनी समाप्त करने के लिए बातचीत की रूपरेखा बना रहे अजीत डोभाल

लद्दाख और सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत-चीन की सेना के बीच तनातनी को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिश की जा सकती है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल इसकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि लद्दाख के चुसूल और दौलत बेग ओल्डी सीमा पर मंगलवार और बुधवार को ब्रिगेडियर स्तर की वार्ता का कोई परिणाम नहीं निकला। 3,488 किमी की साझी सीमा वाले दोनों देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। चीन का कहना है कि भारत उसके क्षेत्र में सड़क और अन्य निर्माण कर रहा है।

भारत का कहना है कि वह अपने क्षेत्र में काम कर रहा है। दोनों तरफ से सेना की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई है। शनिवार को सिक्किम के नाकूलों में भी भारत-चीन सेनाओं के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों ओर के 11 सैनिक घायल हो गए थे।

सूत्रों की मानें तो चीन के आगे भारत की सेना पीछने हटने को तनिक भी तैयार नहीं है। यही बात चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी को चुभ रही है। लद्दाख के पैंगोंग झील, डेमचक और गलवां घाटी में अप्रैल के मध्य से तनाव बढ़ गया था। गलवां में भारतीय सीमा में निर्माण के विरोध में चीनी सेना ने सीमा से सटकर करीब 200 टेंट गाड़कर गश्त शुरू कर दी।