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अजमल की एआईयूडीएफ के स्ट्राइक रेट ने सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को असम में पछाड़ा

असम में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भले ही भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ विजय पताका लहराई हो लेकिन अल्पसंख्यक-आधारित मौलाना बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का स्ट्राइक रेट सबसे बेहतर रहा।

एआईयूडीएफ ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा और 80 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ 16 सीटें जीतीं। ये सीटें मध्य और निचले असम के बंगाली-मुस्लिम बहुल क्षेत्रों और दक्षिणी असम की बराक घाटी में थीं, जहाँ पार्टी का बोलबाला है। 2016 में पार्टी ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 13 में जीत हासिल की थी।

भाजपा-असोम गण परिषद (एजीपी) व उन्नत पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के गठबंधन ने राज्य की 126 सीटों में से 75 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले 10 विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन, जिसमें एआईयूडीएफ, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ), वामपंथी और कुछ छोटे क्षेत्रीय दलों के घटक थे, ने 50 सीटें जीती थीं।

भाजपा 65.21 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ चुनाव लड़ी और 92 सीटों में से 60 जीतीं। 2016 में उसने 84 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इतनी ही सीटें जीती थीं। एजीपी 26 सीटों पर चुनाव लड़ी और 35 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ नौ सीटें जीती। पिछले चुनावों में उसने 28 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 14 जीती थीं। यूपीपीएल आठ सीटों पर लड़ी और 75 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ छह सीटें जीतीं। 2016 में इसने 4 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे, जहां उसका खाता भी नहीं खुल सका था।

कांग्रेस ने 94 सीटों पर चुनाव लड़ा और 31 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ 29 सीटें जीतीं। 2016 में इसने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 26 में जीत हासिल की थी। बीपीएफ ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 33 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ चार जीती थीं।​​ वामपंथियों ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा और एक को 25 प्रतिशत के स्ट्राइक रेट के साथ जीता। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती थी।