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असदुद्दीन ओवैसी ने ममता संग बंगाल चुनाव लड़कर भाजपा को हराने का प्रस्ताव रखा

हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में सीमांचल की पाँच सीटें जीतने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अगले वर्ष होने वाले पश्चिम बंगाल के चुनावों में अपनी जगह तलाशनी शुरू कर दी है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव से पूर्व प्रस्ताव दिया है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कथित तौर पर कहा कि उनकी पार्टी राज्य विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराने में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मदद करेगी। एआईएमआईएम मुर्शिदाबाद, उत्तरी दिनाजपुर और मालदा के अल्पसंख्यक बहुल जिलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।

बिहार चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही ओवैसी की पार्टी कुछ समय से तीखे हमले कर रही है। वहीं, टीएमसी मतदाताओं से बाहरी लोगों का विरोध करने की अपील कर रही है क्योंकि वे लोगों को परेशान और आतंकित करेंगे।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने एआईएमआईएम को बी-टीम कहते हुए टाइम्स नाउ को बताया, “उसका लक्ष्य मुस्लिम वोटों को विभाजित करना और अन्य धर्मनिरपेक्ष दलों को नुकसान पहुँचाना है। हालाँकि, पश्चिम बंगाल राज्य आजादी के बाद से ध्रुवीकरण और सांप्रदायिकता की राजनीति को खारिज कर रहा है।”

पश्चिम बंगाल में एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने की खबर सामने आने के बाद सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने अपनी रणनीति बनाने के लिए मंगलवार (17 नवंबर) रात को दो घंटे तक लंबी बैठक की। दोनों दलों ने अल्पसंख्यक समुदाय के जाने-माने व्यक्तित्व और सामुदायिक नेताओं तक पहुँचने की योजना बनाई है। उन्होंने मिलकर 18 दिसंबर को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक दिवस पर विशेष कार्यक्रम के आयोजन का भी फैसला किया है।

इस बीच, पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव तीन तरफ से लड़ते हुए देखे जा रहे हैं।