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“सीटी स्कैन शरीर पर दुष्प्रभाव डालता, हल्के लक्षण वाले इसे कराने से बचें”- एम्स निदेशक

कोविड-19 के हल्के लक्षण वालों को सीटी स्कैन और बायोमार्कर्स के दुरुपयोग से बचना चाहिए। यह बात सोमवार (3 मई) को ऑल इंडिया आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कही। उन्होंने कहा, “इसके अधिक उपयोग से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।”

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, रणदीप गुलेरिया ने कहा, “एक सीटी स्कैन 300 से 400 एक्सरे के बराबर होता है। कोई भी मरीज़ बिना चिकित्सक के परामर्श के यह जाँच ना करवाए। बिना लक्षण वाले मरीज़ भी अगर यह जाँच करवाएँगे तो पैच नज़र आ सकते हैं पर वे आसानी से ठीक हो सकते हैं।”

उन्होंने कहा, “बायोमार्कर्स जैसे सीपीआर, डी-डाइमर, एलडीएच आदि की हल्के लक्षण वाले मामलों में आवश्यकता नहीं होती है। बिना वजह बायोमार्कर्स से शरीर पर गलत असर पड़ता है। हल्के संक्रमण वाले मरीज़, जो घर में अलग होकर रह रहे हैं, उनको अगर कोई समस्या नहीं है या सेचुरेशन में कमी नहीं आ रही है तो सीटी स्कैन करवाने से बचें।”

डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, “इंटरनेशनल ऑटोमिक एनर्जी कमिशन फॉर रेडिएशन प्रोटेक्शन एंड मेडिसिन के मुताबिक, कम उम्र में बार-बार सीटी स्कैन से जीवन में आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।”