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इंजीनियरिंग के लिए गणित व भौतिक विज्ञान को वैकल्पिक बनाने पर स्पष्टीकरण जारी

ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने शुक्रवार (12 मार्च) को स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विकल्प के रूप में 12वीं कक्षा में गणित और भौतिक विज्ञान में किए गए बदलाव संस्थानों पर बाध्यकारी नहीं थे।

यह स्पष्टीकरण कई मीडिया संस्थानों द्वारा रिपोर्ट किए जाने के बाद जारी किया गया था कि 12वीं कक्षा में गणित और भौतिक विज्ञान को इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए वैकल्पिक बनाया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अऩुसार, एआईसीटीई ने 2021-22 के लिए अपनी अनुमोदन प्रक्रिया पुस्तिका (एपीएच) को वापस ले लिया, जिसमें नए पात्रता मानदंड थे।

एआईसीटीई के चेयरपर्सन अनिल सहस्रबुद्धे ने कहा, “नए दिशा-निर्देश भविष्यवादी थे और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2016 के दृष्टिकोण के अनुरूप थे।”

2021-22 के लिए एआईसीटीई की अनुमोदन प्रक्रिया पुस्तिका के अनुसार, जिसे छापने की त्रुटि सुधार के लिए वापस लिया गया है, अब छात्रों को अर्हता प्राप्त करने के लिए सिर्फ 14 की सूची में से किसी भी तीन विषयों में 45 प्रतिशत अंक पाने की आवश्यकता है। सूची में भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, जीव विज्ञान, इंफोर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज जैव प्रौद्योगिकी, कृषि, टेक्निकल वोकेशनल सब्जेक्ट, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, व्यावसायिक अध्ययन और उद्यमिता जैसे विषय शामिल हैं।

एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पूर्व कुलपति संदीप संचेती ने कहा, “सैद्धांतिक रूप से इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए 12वीं स्तर की गणित और भौतिक विज्ञान को वैकल्पिक बनाना एक अच्छा कमद है। यह उस छात्र के लिए प्रवेश के द्वार खोलेगा, जो अपने शिक्षा के सफर को सही करना चाहता है।”