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एफएटीएफ बैठक से पूर्व आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण व्यवस्था की समीक्षा करेगा पाकिस्तान

आतंक-वित्तपोषण निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) करीब एक माह में पाकिस्तान के आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण व्यवस्था की समीक्षा करेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रशासन ने इस तरह के मामलों की जाँच विशेष एजेंसियों से करवाने के उपाय निकाले हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एफएटीएफ का पूर्ण सत्र 21 से 25 जून तक चलेगा। गत फरवरी में हुई एफएटीएफ की पूर्ण सत्र की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखा गया था। उस समय एफएटीएफ ने पाकिस्तान से जून से पहले आतंकी वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए एक सशक्त कार्य योजना बनाने की बात कही थी।

तब पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने कार्ययोजना की 27 बातों में से 24 को बड़े पैमाने पर प्रभावी ढंग से लागू किया था। हालाँकि, एफएटीएफ अध्यक्ष मार्कस प्लीयर ने यह भी बताया था कि बाकी बची सभी कमियाँ गंभीर थीं।

एफएटीएफ ने विशेष रूप से पाकिस्तान को यह दर्शाने को कहा था कि आतंकवाद के वित्तपोषण की जाँच और अभियोजन यूएन द्वारा नामित आतंकवादियों और उनके प्रतिनिधियों को लक्षित करने का था। इन अभियोजनों के परिणामस्वरूप प्रभावी और प्रतिकूल प्रतिबंध लगाए गए थे।

यूएन द्वारा नामित आतंकवादियों और उनके प्रतिनिधियों के विरुद्ध लक्षित वित्तीय प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा था। यह भी गौर करें कि यूके में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रशासन ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए अधिक जोखिम वाले देशों की सूची में जोड़ा था।