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शशिकला ने राजनीति छोड़ी पर भतीजे दिनाकरण ओवैसी की पार्टी के साथ लड़ेंगे चुनाव

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पूर्व वीके शशिकला के अचानक राजनीति से दूर जाने के फैसले ने अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) को परेशान कर दिया। फिर भी शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण अपनी चुनावी योजनाओं के साथ आगे बढ़ते दिख रहे हैं। ऐसे में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने एएमएमके के साथ गठबंधन करने का निर्णय लिया है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एएमएमके तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जितनी संभव हो उतनी सीटों से चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। इसी वजह से सोमवार को उन्होंने ओवैसी की पार्टी से हाथ मिलाया। अब इस गठबंधन के तहत वानीयंबादी, कृष्णगिरि और संकरपुरम तीन सीटें हैं, जहाँ से एआईएमआईएम मैदान में उतरेगी।

चुनाव लड़ने का दिनाकरण का फैसला सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है क्योंकि उनके वोट प्रतिशत पर गत लोकसभा चुनाव में एएमएमके सेंध लगाने में सफल रही थी। इससे पूर्व, दिनाकरण ने आरके नगर निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ा था और सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक और द्रमुक दोनों को हराया था।

डेल्टा क्षेत्र से एआईएडीएमके के एक अंदरूनी नेता ने सूत्रों के हवाले से कहा, “भले शशिकला एएमएमके के खिलाफ बोलती हैं लेकिन इसका बहुत बड़ा असर नहीं हो सकता क्योंकि पार्टी की स्थापना दिनाकरण ने की है।”

उन्होंने कहा, “शशिकला जब जेल में थीं, तब एक छोटा तबका था, जो अलग-अलग शिविरों में शशिकला और दिनाकरण पर विचार कर रहा था। हालाँकि, तमिलनाडु की राजनीति में दिनाकरण को जो भी समर्थन मिलता है, वह कुछ ऐसा ही होता है। यहाँ तक ​​कि कुछ लोग यह मानते थे कि शशिकला जयललिता की मौत के पीछे का कारण थीं क्योंकि वे दिनाकरण को एक नेता के रूप में देखना चाहती थीं।”