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नागरिकता संशोधन विधेयक- असम में जारी विरोध पर प्रधानमंत्री मोदी से मिलेंगे सोनोवाल
आईएएनएस - 6th November 2019

मंगलवार (5 नवंबर) को असम में नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर जमकर विरोध हुआ जिसके बाद असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी से भेंट करेंगे। मुलाकात में सोनोवाल केंद्र सरकार और एनएससीएन (आईएम) के बीच जारी शांति वार्ता और इससे असम पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रधानमंत्री से बात करेंगे।

असम के कई सामाजिक संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर एक श्रृंखला में असम के अलग-अलग हिस्सों में विरोध शुरू कर दिया है। एएएसयू, कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) जैसे अन्य सगठनों ने धमकाते हुए कहा है कि यदि केंद्र सरकार नहीं समझी तो हम घर-घर जाकर लोगों को इसके विरुद्ध जागरूक करेंगे।

एएएसयू ने सोमवार को इस विधेयक के विरोध में कई रैलियों का मंचन किया और कई जगहों पर प्रदर्शन किया। एएएसयू ने प्रण लिया है कि वह लगातार इसका विरोध करते रहेगा। केएमएसएस ने भी प्रण लिया कि वह भी पूरी मजबूती से इसका विरोध करेगा।

हालाँकि असम में नागा शांति वार्ता को लेकर ज्यादा विरोध देखने को अभी तक नहीं मिला है और ना ही इसका कोई दुष्प्रभाव देखने को मिला है। पर असम-नागालैंड सीमा साथ ही दीमा हसाओ और करबी आंगलोंग छेत्रों पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।

वायर एजेंसी के मुताबिक असम के दीमा हसाओ और करबी आंगलोंग छेत्रों में अच्छी-खासी संख्या में नागा लोग मौजूद हैं। दिसपुर के सूत्रों ने कहा कि “मुख्यमंत्री नुमालीगढ़ रिफायनरी लिमिटेड जो एक मुनाफे वाली सरकारी कंपनी है, उसके निजीकरण का मुद्दा भी उठाएंगे, नुमालीगढ़ रिफायनरी काफी समय से मुनाफे में है।”

दिसपुर के सूत्रों ने यह भी बताया है कि मुख्यमंत्री सोनोवाल उल्फा और एनडीएफबी के बीच वार्ता एवं बड़े बांधों के विषय पर भी बात कर सकते हैं। हाल ही में 2000 मेगवॉट के निचले सुभंसिरी परियोजना के शुरू होने के बाद से असम में राष्ट्रीय पनबिजली शक्ति निगम के खिलाफ काफ़ी विरोध हुआ था।