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नए मोटर वाहन अधिनियम के बाद सड़क हादसों में कमी, चंडीगढ़ में 75 प्रतिशत गिरावट

सरकार ने संसद को बताया कि नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद से कुछ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में भारी कमी आई है।

1 सितंबर 2019 से लागू होने वाले इस अधिनिम के फलस्वरूप सितंबर-अक्टूबर में चंडीगढ़ में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में 75 प्रतिशत तक गिरावट आई है, बिज़नेस इंसाइडर  ने रिपोर्ट किया।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि चंडीगढ़ में जहाँ सिर्फ दो मौतें दर्ज हुई, वहीं पुडुचेरी में 2018 की तुलना में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में 31 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज हुई।

नितिन गडकरी ने बताया कि 2018 की तुलना में उत्तराखंड में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 78 थी जबकि सितंबर-अक्टूबर में घटकर 68 रह गई, वहीं 2018 की तुलना में गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 557 थी जो सितंबर-अक्टूबर में घटकर 480 रह गई।

2018 में बिहार में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 459 थी जो सितंबर-अक्टूबर में 411 रही, वहीं 2018 में उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 1,503 थी जो सितंबर-अक्टूबर में 1,355 रही।

नितिन गडकरी ने बताया कि केरल में सड़क दुर्घटना से संबंधित मौतों मे सितंबर-अक्टूबर महीने में पिछले साल के मुकाबले 2.1 प्रतिशत की कमी आई है।

हालाँकि मोटर वाहन अधिनियम 2019 के लागू होने के बाद से छत्तीसगढ़ में 2018 के मुकाबले सड़क हादसों में 4 प्रतिशत की बढ़त हुई है।

पिछले हफ्ते सरकार ने संसद को सूचित किया था कि उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार 38लाख 39,406 यातायात चालान किए गए जिससे 577.5 करोड़ रूपये (लगभग) जमा हुए हैं। 18 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में तमिलनाडु में सबसे अधिक 14,13,996, वहीं गोवा में सबसे कम 58 चालान हुए।

सरकार ने यह भी बताया कि सभी राज्यों में नया मोटर वाहन अधिनियम लागू हो चुका है पर कुछ राज्यों ने इस अधिनियम से मिली शक्तियों का उपयोग कर दंड शुल्क घटा दिया है।