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अजीत डोभाल ने मोर्चा संभाला तो मस्जिद खाली करने को तैयार हुए मर्कज प्रमुख

मर्कज निजामुद्दीन प्रमुख मौलाना साद ने दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद बंगाली मस्जिद को खाली करने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को व्यक्तिगत रूप से मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। इसके बाद वह 28-29 मार्च की रात को दो बजे मस्जिद पहुँचे।

उन्होंने मौलाना को आश्वस्त किया कि वे मस्जिद में रहने वालों का कोविड-19 परीक्षण करवाएँ और उन्हें पृथक केंद्रों में रहने दें। रिपोर्ट में कहा गया है कि डोभाल के जाने के बाद मरकज के अधिकारियों ने मस्जिद की सफाई के लिए सहमति व्यक्त की।

वर्तमान में भारतीय अधिकारी उन सभी विदेशियों का पता लगा रहे हैं, जो तबलीगी जमात के कार्यक्रम का हिस्सा लेने आए थे। वो अब भी देश में ही हैं। उनकी संख्या लगभग 916 मानी जा रही है।

धार्मिक सभा में हिस्सा लेने के लिए विदेशी नागरिकों ने वीजा नियमों का उल्लंघन किया था। इसके बाद उनकी मिशनरी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर दिया गया। अब उन्हें जीवन में दोबारा देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मार्च के मध्य में हुआ तबलीगी जमात कार्यक्रम देश में सबसे बड़े कोरोनावायरस संक्रमण को फैलाने के रूप में उभरा है।