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ट्विटर ने सरकार की चेतावनी के बाद खालिस्तानी प्रचारक खातों को बंद करना शुरू किया

सरकार ने ट्विटर से भड़काऊ सामग्री का प्रसार करने वाले खातों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया था लेकिन उनके खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए गए। इस पर आईटी मंत्रालय के सख्त रुख अपनाने के बाद माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ने भड़काऊ और विभाजनकारी टिप्पणियाँ करने वाले खातों को चिह्नित करके ब्लॉक करना शुरू कर दिया है।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर ने पहले हैशटैग मोदी प्लानिंग फार्मर जेनोसाइड के साथ ट्वीट किए जा रहे खातों को ब्लॉक किया था। बाद में उसने बोलने की स्वतंत्रता और समाचार योग्य सामग्री पाए जाने का हवाला देते हुए उन्हें फिर से सक्रिय कर दिया था।

इसके बाद आईटी मंत्रालय ने आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट को एक नोटिस भेजा। इसमें कहा था, “ट्विटर एक मध्यस्थ है और वह सरकार के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य है। ऐसा ना करने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”

नोटिस में कहा गया कि इस पर प्रधानमंत्री मोदी के चारों ओर विवादास्पद हैशटैग बिना सोचे-समझे आधार पर समाज में नफरत फैलाने, भड़काऊ और तनाव पैदा करने के लिए चलाए जा रहे थे।

सरकार ने चेतावनी दी कि अपने आदेश का पालन करने में विफल रहने पर कंपनी के खिलाफ आईटी अधिनियम की धारा 69 ए (3) के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को 7 वर्ष तक की जेल और आर्थिक दंड की सजा हो सकती है।

इसके बाद ट्विटर ने आश्वासन दिया कि वह सरकार द्वारा उठाए गई चिंताओं पर गौर कर रही है। उसने अब 257 हैंडल में से 126 को निष्क्रिय कर दिया। ट्विटर ने कथित तौर पर 1178 हैंडलों में से 583 को निष्क्रिय कर दिया, जिस पर सरकार को गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए खालिस्तानी और पाकिस्तानी तत्वों के साथ संबंध होने का संदेह है।