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अफगानिस्तान- शांति समझौते के हफ्ते भर में अमेरिका का तालिबान पर हवाई हमला

अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना ने बुधवार (4 मार्च) को दक्षिणी हेलमंद प्रांत में अफगान सुरक्षा बलों के समर्थन में रक्षात्मक हवाई हमला किया। यूएस-तालिबान समझौते पर हस्ताक्षर के बाद यह पहला हमला है।

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल सोनी लेगेटा ने ट्वीट किया, “तालिबान हमलावरों ने अफगान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बलों (एएनडीएसएफ) की चौकी पर हमले किए। इसके बाद नस्र-ए-सराज क्षेत्र में उनके खिलाफ हमले शुरू किए गए। ये हमले रोकने के लिए रक्षात्मक हमले थे। 11 दिनों में तालिबान के खिलाफ यह हमारी पहली स्ट्राइक थी।”

29 फरवरी को तालिबान के राजनीतिक प्रमुख मुल्ला अब्दुल घानी बरादर और अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ज़लमेय खलीलज़ाद ने अफगान सुलह के लिए कतर के दोहा में शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के तहत अमेरिका और नाटो 14 महीने में अफगानिस्तान से अपने सैनिकों को पूरी तरह बाहर निकाल देंगे, जबकि तालिबान एक अंतर-अफगान वार्ता शुरू करेगा।

प्रवक्ता ने कहा, “यह पूरी तरह से साफ है कि हम शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालाँकि, हमारे पास अपने एएनडीएसएफ भागीदारों की रक्षा करने की ज़िम्मेदारी है।”

उन्होंने आगे कहा, “तालिबान नेतृत्व ने अंतर-राष्ट्रीय नेतृत्व से वादा किया है कि वे हिंसा को कम करेंगे और हमलों को नहीं बढ़ाएँगे। हम तालिबान से बेवजह के हमलों को रोकने और अपनी प्रतिबद्धताओं को बनाए रखने को कहते हैं। हम ज़रूरत पड़ने पर अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए हमले करेंगे, जिस तरह से अभी किया।”

लेगेटा के अनुसार, मंगलवार (3 मार्च) को तालिबान ने काबुल से 555 किमी दक्षिण के हेलमंद में एएनडीएसएफ की चौकियों पर 43 हमले किए। अफगानिस्तान के दो प्रांतों में बुधवार को अलग-अलग पूर्ववर्ती हमलों में कम से कम 19 अफगान सुरक्षा बल के जवान और कई तालिबानी आतंकवादी मारे गए हैं।