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बाराबंकी में प्रशासन ने गिराई मस्जिद, मुस्लिम लॉ व वक्फ बोर्ड की न्यायिक जाँच की मांग

ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने मंगलवार (18 मई) को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में प्रशासन ने एक मस्जिद को गिरा दिया। अब उन्होंने इसकी न्यायिक जाँच की मांग की है।

न्यू इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने न्यायालय के आदेश पर अवैध ढाँचे को ध्वस्त किया है।

एआईएमपीएलबी के कार्यकारी महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने एक बयान में दावा किया, “राम सनेही घाट तहसील में सदियों पुरानी गरीब नवाज़ मस्जिद को प्रशासन ने बिना किसी कानूनी औचित्य के सोमवार रात पुलिस की मौजूदगी में गिरा दिया।”

उन्होंने कहा, “सरकार का कर्तव्य बनता है कि वह उस जगह पर मस्जिद का निर्माण करे और उसे मुसलमानों को सौंप दे।” वहीं, बाराबंकी के जिलाधिकारी आदर्श सिंह ने मस्जिद और उसके रिहायशी क्षेत्र के निर्माण को अवैध बताया।

डीएम ने एक बयान में कहा, “15 मार्च को संबंधित लोगों को एक नोटिस दिया गया था, जिससे उन्हें स्वामित्व पर अपनी बात रखने का मौका मिला था लेकिन वहाँ रहने वाले नोटिस प्राप्त करने के बाद भाग गए। 18 मार्च को तहसील प्रशासन को इसका कब्जा मिला था।”

उन्होंने कहा, “इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2 अप्रैल को इस संबंध में दायर एक याचिका का निपटारा किया था, जो साबित करती है कि निर्माण अवैध था।”