समाचार
अडानी पोर्ट्स महाराष्ट्र के दिघी बंदरगाह को ₹10,000 करोड़ के निवेश से करेगा विकिसत

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड) ने मंगलवार (16 फरवरी) को महाराष्ट्र में दिघी बंदरगाह का अधिग्रहण 705 करोड़ रुपये में किया। साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के वैकल्पिक द्वार के रूप में इसे विकसित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई का जवाहरलाल नेहरू पोर्ट देश के 12 प्रमुख बंदरगाहों में से एक है और देश का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट भी है। एपीएसईजेड द्वारा अधिग्रहण में महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में राजपुरी क्रीक के किनारे स्थित दिघी पोर्ट लिमिटेड (डीपीएल) की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है।

मुंबई बंदरगाह से 42 समुद्री मील (एनएम) की दूरी पर स्थित दिघी बंदरगाह एपीएसईजेड को मुंबई और पुणे क्षेत्रों के उच्च औद्योगिक क्षेत्रों को सेवा प्रदान करने में सक्षम बनाएगा।

कंपनी ने कहा, “एपीएसईजेड ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई है, ताकि बंदरगाह को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ निर्बाध व कुशल कार्गो गतिविधियों के लिए रेल व सड़क निकासी के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में निवेश किया जा सके।”

एपीएसईजेड के सीईओ और डायरेक्टर करण अडानी ने कहा, “डीपीएल के सफल अधिग्रहण से भारत के संपूर्ण आर्थिक भीतरी क्षेत्रों में सेवा कवेज बढ़ाने के लिए अडानी पोर्ट्स के लक्ष्य में एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। हमारे विकास पर ध्यान केंद्र करने, अनुभव और अधिग्रहण के चारों ओर विशेषज्ञता के साथ हम अपने सभी हितधारकों के लिए डीपीएल मूल्य अभिवृद्ध करने के लिए आश्वस्त हैं।”