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उप्र- मेरठ में भीड़ ने अवैध कत्लखानों के विरुद्ध सक्रिय कार्यकर्ताओं पर किया हमला

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सक्रिय बूचड़खानों और मांस प्रसंस्करण संयंत्रों के खिलाफ आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं पर शुक्रवार (9 फरवरी) को कथित तौर पर हमला किया गया।

पर्यावरण सुधार संघर्ष समिति नामक एक संगठन के अध्यक्ष रविंदर गुर्जर ने बहुजन समाज पार्टी के विवादास्पद नेता यक़ूब कुरैशी पर उनके और उनके सहयोगी पर हमले का आरोप लगाया है।

दैनिक जागरण  ने बताया कि गुर्जर संगठन सचिव शक्ति मोहन के साथ उनके कार्यालय में थे जब कुछ 20-25 लोगों ने कथित तौर पर उनके कार्यालय में घुस गए और उनके साथ हाथापाई की।

गुर्जर ने जागरण को बताया कि यह पहली बार नहीं था जब उनपर हमला किया गया था या उनके आंदोलन को समाप्त करने की धमकी दी गई थी। आरोपी याक़ूब कुरैशी लंबे समय से मेरठ के मांस व्यापार के केंद्र में है और उसकी कंपनी अल फहीम मीटेक्स सबसे बड़े भारतीय भैंस के मांस निर्यातकों में से एक है।

अल फहीम को आवश्यक मंजूरी के बिना सरकारी भूमि पर अपने परिसर का निर्माण करने के लिए 2017 में  विध्वंस के आदेश दिए गए थे लेकिन यह सुचारु रूप से चल रहा था जब तक मंगलवार (12 फरवरी) को पुलिस द्वारा और अर्धसैनिक बल की तैनाती में मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा आंशिक रूप से सील कर दिया गया।

गुर्जर ने स्वराज्य को फोन पर बताया,’ हमारे कर्मचारी के हस्तक्षेप करने पर हमलावर भाग गए। मैंने याकूब कुरैशी के प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिन्होंने हमले का नेतृत्व किया था। कुरैशी को भी फंसाया गया है। ‘

स्वराज्य ने पहले मेरठ के अनियंत्रित मांस संयंत्रों पर रिपोर्ट दी थी जिसमें कुरैशी के व्यापार में शामिल होने और इन लोगों ने किस तरह खरखौदा क्षेत्र में पारिस्थितिकी तंत्र को दूषित किया है। हमारी रिपोर्ट ने भी गुर्जर का हवाला दिया।