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रक्षा सचिव- “सुरक्षा उद्देश्य से 200 लड़ाकू विमानों का अधिग्रहण प्रक्रिया में”

रविवार (12 जनवरी) को एक शीर्ष अधिकारी (रक्षा सचिव) ने कहा कि भारतीय वायु सेना के हवाई आविष्कारों के घटते भंडार को भरने के लिए, सरकार ने लगभग 200 लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।

रक्षा सचिव अजय कुमार ने कहा, “मोटे तौर पर 200 लड़ाकू विमानों के अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।”

रक्षा सचिव ने कहा कि 110 विमानों के लिए रुचि-प्रकटन मंगाई गई है जबकि 83 हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) तेजस मार्क 1ए उन्नत लड़ाकू विमानों के लिए अनुबंध अब अपने अंतिम चरण में है।

तेजस लड़ाकू विमान को भारत के स्वामित्व वाली हिंदुस्तान वैमानिकी लिमिटेड (एचएएल) द्वारा बनाया गया है।

रक्षा सचिव ने भारतीय तट रक्षक जहाजों के शामिल होने पर मीडियाकर्मियों से कहा, “हम 83 एलसीए मार्क 1ए के लिए अनुबंध को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। ये सारे आधुनिक लड़ाकू विमान हैं जो हमारी तत्काल जरूरत को पूरा करेंगे।”

एलसीए के लिए अनुबंध पर इस वर्ष हस्ताक्षर किए जाएँगे। नए विमान अधिग्रहण के लिए समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि सरकार इसे जल्द से जल्द करना चाहती है।

एलसीए के लिए डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया है, और एचएएल प्रत्येक वर्ष 8 से 16 तक मार्क 1ए लड़ाकू विमान का उत्पादन बढ़ाएगा।

उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम बाहरी स्तोत्र के जरिए इसे और बढ़ाएँगे।”

(इस खबर को वायर एजेंसी फीड की सहायता से प्रकाशित किया गया है।)