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कृषि कानूनों को समर्थन व्यक्त कर 24 शिक्षाविदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र

भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) जैसे शीर्ष संस्थानों के 24 शिक्षाविदों ने नए कृषि कानूनों के लिए अपना समर्थन व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में लिखा गया, “यह सुधारों के लिए एक सुनहरा मौका है, जो 1991 में औद्योगिक सुधार के बाद से कृषि के लिए टला हुआ था। हम विश्वास है कि कृषि के लिए समय आ गया है। अगर ये सुधार नहीं किए गए तो कृषि का भारत में कोई भविष्य नहीं रहेगा।”

पत्र में यह भी कहा गया कि कानूनों से किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी। उनकी और उपभोक्ताओं की मदद होगी। यह कानून किसानों को बिचौलियों के चंगुल से भी मुक्त कराएगा।

इसके अलावा, पत्र में कहा गया कि इन कानूनों के परिणामस्वरूप किराए पर खेती करने वाली प्रथा की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी।

इस पत्र के लिए समर्थन जुटाने वाले आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर जी रमेश ने कहा, “सरकार एमएसपी के दो मुख्य मुद्दों और मंडियों को जारी रखने के लिए संवेदनशील है। किसान उपायों को संचालित करने के लिए सुझाव दे सकते हैं।”