समाचार
अबू धाबी में ‘जय हिंदी’, बनी तीसरी न्यायिक भाषा

अरबी और अंग्रेज़ी के बाद अबू धाबी में हिंदी को तृतीय न्यायिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है, टाइम्स ऑफ इंडिया  ने बताया। देश में न्यायिक प्रक्रिया के विस्तार के रूप में इस कदम को देखा जा रहा है।

अबू धाबी न्यायिक विभाग ने शनिवार (9 फरवरी) को बताया कि मज़दूरी मामलों में याचिका के लिए हिंदी भाषा स्वीकार्य होगी। इस प्रयास से हिंदी भाषी बिना भाषा बाधा के अपने अधिकारों को समझ सकेंगे व न्याय पा सकेंगे।

यूएई की 90 लाख की जनसंख्या में से 25 लाख लोग भारतीय समुदाय के हैं जो जनसंख्या का 30 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं और सबसे बड़ा प्रवासी समूह हैं। अधिकारी का कहना है कि दावों, याचिकाओं व समस्याओं के लिए बहुभाषाओं को अपनाने से टुमॉरो 2021 योजना के तहत आगे बढ़ा जा रहा है और साथ ही इससे मुकदमों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।