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रक्षा मंत्रालय ने दिया देश में उत्पादन योग्य हथियारों के आयात पर प्रतिबंध का प्रस्ताव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए राजनाथ सिंह की अगुआई में केंद्रीय रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने उन हथियारों के आयात पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया है, जो स्थानीय स्तर पर उत्पादित हो सकते हैं।

हिंदू बिज़नेसलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा खरीद नीति (डीपीपी) 2020 के दूसरे मसौदे में इस संबंध में सुझाव दिया गया है। इसे अब रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020 कहा जाएगा। मसौदे को रक्षा मंत्रालय ने जारी किया है।

प्रस्ताव के अनुसार, एमओडी हथियार और मंचों की एक नकारात्मक सूची तैयार करेगा, जिन्हें आयात के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा, ताकि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके। सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं के आधार पर सूची को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। वर्तमान में इसकी सूची तैयार की जा रही है।

भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख हथियार और मंच आयातों में रूसी रॉकेट, टैंक्स के लिए सिमुलेटर और कॉम्पोनेंट के मरम्मत की सुविधा, इज़रायली लेज़र डेजिगनेशल पॉड्स, राडार, एयरक्राफ्ट पॉड्स, रेडियो, गरुड़ कमांडो के लिए हथियार व मिसाइल्स, यूएस से एयरक्राफ्ट हेलिकॉप्टर, मिसाइल्स, आर्टिलरी गन व सिमुलेटर, फ्रेंड एयरक्राफ्ट, गोला-बारूद, द्विध्रुवीय आवेश प्रणाली और आर्टिलरी गन के उच्च क्षेत्र के मॉड्यूल शामिल हैं।

इसके अलावा, भारत ऐसे कई सिस्टमों का निर्यातक है, जिसमें गश्ती जहाज, हेलिकॉप्टर, सोनारव राडार, एवियोनिक्स, राडार चेतावनी रिसीवर, छोटे हथियार, छोटे कैलिबर गोला-बारूद, हथगोले, दूरसंचार उपकरण, तटीय निगरानी गियर, सिमुलेटर, बुलेट-प्रूफ जैकेट और शरीर कवच शामिल हैं।