समाचार
आप ने अमेरिका, यूके में प्रतिबंधित चीनी कंपनी को दिया सीसीटीवी लगाने का टेंडर

आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने एक बड़ा टेंडर भारतीय सहायक कंपनी के तौर पर चीनी फर्म हिकविजन को दे दिया है। इसे अमेरिकी सरकार पहले ही काली सूची में डाल चुकी है। इस लिहाज से यह डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से समझौता करने वाला एक खतरनाक कदम साबित हो सकता है।

द इकोनॉमिक टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी कंपनी को यह टेंडर लोगों की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राजधानी में 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए दिया गया है। हालाँकि, हिकविजन पर पहले से ही ग्राहकों की जानकारियों को दूसरों को देने और रिमोट हैकिंग को सक्षम करने जैसे आरोप लग चुके हैं।

अमेरिकी प्रतिबंध के अलावा कंपनी वर्तमान में इसी तरह के आरोपों पर यूके में एक जाँच का सामना कर रही है। चीनी टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स फर्मों को अक्सर अन्य देशों में डेटा सुरक्षा से समझौता करने के आरोपों का सामना करना पड़ता है।

इसकी वजह यह है कि वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के अधिकारियों के काफी करीबी माने जाते हैं। साथ ही वे चीनी अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों के हस्तक्षेप के अधीन रहते हैं।