समाचार
कृषि मंत्री को एक लाख से अधिक किसानों ने पत्र लिखकर किया कृषि कानूनों का समर्थन

हरियाणा के 20 प्रगतिशील किसानों के एक समूह ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट करके कृषि कानूनों का समर्थन किया। इसके अलावा, 116 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और प्रगतिशील किसान समूहों के करीब एक लाख से अधिक किसानों ने कृषि मंत्री को पत्र लिखकर इस कानून को बरकरार रखने की बात कही है। इन संगठनों ने कानूनों को लागू किया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, खुद को प्रगतिशील किसानों का प्रतिनिधिमंडल बताते हुए उसके एक सदस्य ने बताया, “पद्मश्री कमल सिंह चौहान के नेतृत्व में समूह ने नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट की। उन्होंने सरकार द्वारा नए कृषि कानूनों के कुछ प्रावधानों में संशोधन करने की बात बताई। हालाँकि, उन्होंने कृषि कानूनों को रद्द ना करना आवश्यक बताया।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा, “वे किसान उत्पादक संघों (एफपीओ) के प्रतिनिधि हैं।” प्रतिनिधिमंडल में भारतीय किसान यूनियन (अतर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतर सिंह संधू भी शामिल थे।

कृषि मंत्री से भेंट के बाद प्रगतिशील किसान क्लब सोनीपत के अध्यक्ष कंवल सिंह चौहान ने कहा, “जो किसान आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें भ्रमित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार भरोसा दिया है कि एमएसपी और मंडी व्यवस्था में बदलाव नहीं होगा।

बता दें कि मंगलवार (8 दिसंबर) से प्रदर्शनकारी किसानों ने भारत बंद किया है। इसका मजदूर संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने समर्थन किया है। दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किसानों के बीच पहुँचे, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को मार्च निकालने के दौरान हिरासत में ले लिया गया था। किसानों के भारत बंद को 24 विपक्षी दलों और संगठनों ने समर्थन दिया है। इनमें कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों के अलावा अधिकतर क्षेत्रीय पार्टियाँ शामिल हैं।