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पश्चिम बंगाल में कुशल टीका प्रशासन के कारण वैक्सीन अपव्यय ना के बराबर- रिपोर्ट

देशभर में कोविड-19 वैक्सीन की भारी कमी के बावजूद पश्चिम बंगाल करीब शून्य वैक्सीन के अपव्यय के साथ एक अलग राज्य के रूप में उभरा है।

द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार (9 मई) तक पश्चिम बंगाल ने भारत सरकार द्वारा आपूर्ति की गई 1.22 करोड़ खुराक में से करीब 1.19 करोड़ खुराक लोगों को लगा दी थी।

स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक अजय चक्रवर्ती ने कहा, “क्षेत्र में कुशल टीका प्रशासन की वजह से हमारे यहाँ अपव्यय की मात्रा ना के बराबर है। हम लगभग 3.5 लाख खुराक बचा सकते हैं। इस प्रकार हमारे पास स्टॉक में 3 लाख की बजाय करीब 6.5 लाख वैक्सीन हैं।”

राज्य परिवार कल्याण अधिकारी आशीष दास मालाकार ने कहा, “जहाँ तक ​​कोविशील्ड की बात है तो बंगाल में इसका अपव्यय चार प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि हर एक लाख खुराक के लिए हम अतिरिक्त 4,000 खुराक दे सकते हैं।”

दूसरी ओर, राज्य में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का अपव्यय करीब एक प्रतिशत है। इसके बारे में अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती दिनों में इसे लाने-ले जाने में हुआ अपव्यय ही इसका कारण है।

एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, “शुरुआती दिनों में मिलीजुली प्रतिक्रिया ही बर्बादी का कारण है। कई लोगों ने कोवैक्सीन की प्रभावकारिता के आँकड़ों पर सवाल उठाए थे और हमें केवल कुछ ही खरीदार मिले थे। हालाँकि, अब अपव्यय किसी भी तरह से नहीं होता है।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप का रिकॉर्ड सबसे खराब है। नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, लक्षद्वीप ने सबसे अधिक 22.7 प्रतिशत बर्बाद किए हैं। इसके बाद हरियाणा (6.7 प्रतिशत), असम (6.1 प्रतिशत), राजस्थान (5.5 प्रतिशत) और पंजाब (5.1 प्रतिशत) का स्थान रहा।