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अयोध्या में राम मंदिर परिसर के आसपास लगेंगे रामायण में वर्णित 89 प्रजातियों के पौधे

अयोध्या वन विभाग ने रामायण में वर्णित पौधों की प्रजातियों की पहचान की है। बनने वाले राम मंदिर परिसर में उनके बीज बोने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट से उन्होंने सिफारिश प्राप्त की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अब त्रेता युग के वातावरण व परिवेश को उत्पन्न करने और उनके वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त क्षेत्रों व स्थानों की पहचान की जाएगी।

रामायण में वृक्षों की 89 प्रजातियों को शामिल किया गया है। इनमें रक्त चंदन, चंदन, साल, देवदार, ढाक, पीपल, नागकेसर, आम, अशोक, सीता अशोक, पारिजात, अगर, लोध के बारे में स्पष्ट रूप से कहा गया है।

इन किस्मों को झाड़ियों या मध्यम ऊँचाई वाली प्रजातियों के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा, भगवान राम और माता सीता को शामिल करने वाली महाकाव्य कहानी में उनकी एक अभिन्न भूमिका रही है। हालाँकि, वन विभाग कथित तौर पर अपने वार्षिक वृक्षारोपण अभियान में इन प्रजातियों को नहीं लगाता है।

रिपोर्टों के अनुसार, विभिन्न राज्यों के इन प्रकार के पौधों को स्रोत बनाने की योजना है, जबकि अयोध्या में तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट इन पेड़ों को लगाने के लिए वन विभाग की साइटों से संपर्क करेगा।