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कानपुर में अपराधी विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश और अतुल को पुलिस ने किया ढेर

कानपुर में गुरुवार (2 जुलाई) देर रात बदमाशों से हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी वीरगति को प्राप्त हो गए। एडीजी नय नारायण सिंह ने घटना की पुष्टि की। सात पुलिसकर्मी फायरिंग में घायल हुए, जबकि दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, दो अपराधी मुठभेड़ में ढेर कर दिए गए।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुँचकर घटनास्थल का जायजा लिया। मौके पर आलाधिकारी समेत कई थानों की पुलिस भी पहुँच गई है।

घटना कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गाँव की है। देर रात 12.30 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान में विकास दुबे के गाँव में दबिश दी थी। अपराधी विकास और उसके आठ से दस साथियों ने पुलिस पर छतों से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

पुलिस ने बताया कि विकास दुबे अपराधी है, जिस पर 2001 में शिवली थाने में घुसकर राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। विकास पर प्रदेशभर में 24 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। मुठभेड़ में विकास का मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरगति को प्राप्त पुलिसकर्मियों के प्रति शोक प्रकट किया है। उन्होंने घटना की रिपोर्ट तलब की। साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी को अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।

पुलिस के मुताबिक, क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा, थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव, चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, राहुल, बबलू, जितेंद्र मुठभेड़ में शहीद हो गए।

एसओ कौशलेंद्र के एक गोली जाँघ और दूसरी हाथ पर लगी। सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियाँ लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है।