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77,000 बीएसएनएल कर्मचारियों ने चुना वीआरएस का विकल्प, आधे कार्यबल का आवेदन

बीएसएनएल के अधिकारी ने कहा कि बीएसएनएल के करीब 77,000 कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया है, पीटीआई  ने रिपोर्ट किया।

हाल ही में शुरू हुई बीएसएनएल की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) में 1.5 लाख के कुल कार्यबल वाली बीएसएनल में करीब 1 लाख कर्मचारी वीआरएस आवदेन के योग्य हैं।

आपको बता दें कि पिछले महीने शुरू हुई बीएसएनएल वीआरएस योजना 3 दिसंबर तक खुली रहेगी। इसके तहत बीएसएनएल 70-80,000 कर्मचारियों द्वारा वीआरएस लिए जाने पर 7,000 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।

इस योजना के तहत बीएसएनएल के सभी नियमित एवं स्थाई कर्मचारी जिसमें अन्य संस्थाओं में नियुक्त कर्मचारियों से लेकर निगम से बाहर नियुक्ति वाले सभी 50 या 50 से अधिक उम्र के कर्मचारी वीआरएस के लिए योग्य हैं।

किसी भी योग्य कर्मचारी के लिए अनुग्रह राशि सेवा के प्रत्येक पूर्ण वर्ष के 35 दिन के वेतन के बराबर और बचे हुए प्रत्येक पूर्ण वर्ष के लिए 25 दिन के वेतन के बराबर होगी।

साल 2018-19 में बीएसएनएल का कुल राजस्व करीब 19,308 करोड़ रुपये था जिसका 75 प्रतिशत हिस्सा यानी कि 14,488 करोड़ रुपये केवल कर्मचारियों पर खर्च हुआ। इसके मुताबिक बीएसएनएल के एक कर्मचारी की कुल लागत 9.6 लाख रुपये है।

वहीं 2016-17 में बीएसएनल का कर्मचारी लाभ व्यय 15,715 करोड़ रुपये था और उस वर्ष कर्मचारियों की कुल संख्या 1,96,448 थी यानी बीएसएनएल के एक कर्मचारी की कुल लागत 8 लाख थी।

सरकार द्वारा जारी किए गए बचाव पैकेज में बीएसएनएल को 20,140 करोड़ रुपये 4जी स्पेक्ट्रम की खरीद के लिए, 3,674 करोड़ रुपये मिलने वाले स्पेक्ट्रम पर लगने वाले जीएसटी के लिए एवं 17,160 करोड़ रुपये वीआरएस योजना के लिए दिए गए हैं।

दोनों कंपनियाँ तीन साल में संपत्ति से करीब 37,500 करोड़ रुपये एकत्रित करेंगी जबकि दोनों कंपनियों पर कुल कर्ज 40,000 करोड़ रुपये का है। आपको बता दें कि पिछले नौ वर्षों से एमटीएनएल और बीएसएनल घाटे में चल रहे हैं।