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भाजपा को 2018-19 में मिला 700 करोड़ रुपये चंदा, 356 करोड़ अकेले टाटा समूह से

कॉरपोरेट इंडिया ने 2018-19 में चुनावी ट्रस्टों के माध्यम से भाजपा को 472 करोड़ रुपये का योगदान दिया। इसमें से 75 प्रतिशत यानी 356 करोड़ रुपये अकेले टाटा समूह नियंत्रित प्रगतिशील चुनावी ट्रस्ट (पीईटी) से आए। कांग्रेस ने 4 चुनावी ट्रस्टों से करीब 99 करोड़ प्राप्त किए। इनमें से 56 प्रतिशत यानी 55.6 करोड़ पीईटी ने दिए थे। ये आँकड़े राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग को पेश की गई नवीनतम वार्षिक योगदान रिपोर्ट के अनुसार थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सत्तारूढ़ दल के लिए कॉरपोरेट का योगदान 2017-18 में कम होकर 167 करोड़ हो गया था। कांग्रेस को इस दौरान बहुत छोटे आधार पर सिर्फ 12 करोड़ रुपये का योगदान मिला। खास बात है कि पीईटी, जिसने पिछले वित्तीय वर्ष में तृणमूल कांग्रेस को 43 करोड़ रुपये का चंदा दिया था, उसने 2017-18 में शून्य योगदान की घोषणा की थी।

भारती एयरटेल ग्रुप ने गत वर्ष में भाजपा को 67.3 करोड़ रुपये चंदे के रूप में दिए थे, जो 2017-18 में 154 करोड़ रुपये से नीचे था। ट्रस्ट ने कांग्रेस को 2017-18 में 10 करोड़ दिए थे तो 2018-19 में 39 करोड़ रुपये वितरित किए।

आदित्य बिड़ला समूह से जुड़े एबी जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट ने भाजपा को पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 28.5 करोड़, जबकि कांग्रेस को 2 करोड़ रुपये दिए। 2017-18 में इसने भाजपा को 12.5 करोड़ और कांग्रेस को 1 करोड़ का योगदान दिया था।

2018-19 की भाजपा की योगदान रिपोर्ट के अनुसार, हार्मनी इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 10 करोड़, ट्रायम्फ इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 5 करोड़ और न्यू डेमोक्रेटिक इलेक्टोरल ट्रस्ट व जनहित इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 2.5 करोड़ रुपये दिए थे। पीटीआई की रिपोर्ट की मानें तो 2018-19 के वित्तीय वर्ष में भाजपा को 700 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ।