समाचार
जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद बढ़ेंगी सात सीटें, संपूर्ण प्रक्रिया 2022 तक होगी पूरी

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद विधानसभा में 83 की जगह 90 सीटें हो जाएँगी। यह पूरी प्रक्रिया 2022 तक पूरी हो जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने शुक्रवार (9 जुलाई) को बताया कि परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर ही होगा।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, परिसीमन आयोग की प्रेसवार्ता के दौरान आयोग की अध्यक्षा रंजना प्रकाश देसाई और मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन में पारदर्शिता होगी। इसकी संवैधानिक प्रक्रिया है, जो परिसीमन अधिनियम द्वारा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत चल रही है।”

उन्होंने कहा, “प्रक्रिया के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के लिए रिक्त 24 सीटों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यह परिसीमन आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। चार दिवसीय दौरे के दौरान 290 प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिले हैं और अपने सुझाव व ज्ञापन सौंपे हैं।”

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, “गत परिसीमन 1995 में 1981 की जनगणना के आधार पर हुआ था। इस बार 2011 की जनगणना के आधार पर हो रहा है। इसमें जनसंख्या के अतिरिक्त भौगोलिक स्थिति, संचार और अन्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।”

परिसीमन का जो ड्राफ्ट तैयार होगा, उसे जनता के बीच रखा जाएगा। उस पर सुझाव मांगे जाएँगे। अभी परिसीमन आयोग जम्मू-कश्मीर के और भी दौरे कर सकता है। कहा जा रहा है कि 2022 तक आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप देगा।