समाचार
स्वास्थ्य विभाग में दो दशक पूर्व धोखाधड़ी से नौकरी पाने वाले 64 लोग निकाले गए

मिर्ज़ापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ओपी तिवारी ने करीब दो दशक पूर्व धोखाधड़ी से उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में नौकरी पाने में सफल रहे 64 लोगों को बर्खास्त कर दिया है।

रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ओपी तिवारी ने शनिवार (13 जून) को बताया, “1996 से 1998 के बीच ग्रेड-4 के पदों पर 64 लोगों को नियुक्त किया गया था। वे तब से वेतन प्राप्त कर रहे थे। उनमें से कुछ को पदोन्नति भी मिली और अब वे क्लर्क के रूप में काम कर रहे थे।”

उन्होंने कहा, “गत 18 वर्षों से एक जाँच चल रही थी और सरकार ने आर्थिक अपराध शाखा वाराणसी की ओर से एक रिपोर्ट पेश करने के बाद पिछले बुधवार को उनकी बर्खास्तगी का आदेश दिया।”

“जिन 14 लोगों को फर्जी तरीके और दस्तावेजों के जरिए स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिली थी, उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। जिलों के सीएमओ को पत्र भेजे गए हैं, जहाँ वे वर्तमान में तैनात हैं।

सीएमओ ने कहा, “यह मामला तब सामने आया था, जब 2002 में एक ऑडिट टीम ने उनकी सर्विस बुक मांगी थी, जो उन्हें प्रदान नहीं की गई थी। सीएमओ ने कहा कि यह संदेह था कि टीम ने एक जाँच के लिए सरकार को लिखा था। आखिरकार गलत तरीके से नौकरी पाने का खुलासा हो ही गया।”