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चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के आँकड़े छुपा रही सरकार, अब तक 64 की मौत?

कई वर्षों से मुज़फ्फरपुर में इसी मौसम में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार बच्चों को अपनी चपेट में लेता आ रहा है। इस बार भी यहाँ पर मरने वाले बच्चों का आँकड़ा 64 पहुँच गया है। हर साल यह बीमारी फैलने के बावजूद बिहार सरकार इसे रोकने के कोई खास उपाय नहीं कर पा रही है।

दैनिक जागरण  की रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज ऐंड हॉस्पिटल और केजरीवाल अस्पताल में अब तक कुल 64 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि 167 मरीजों को भर्ती किया जा चुका है। सोमवार को यहाँ सबसे ज्यादा 23 बच्चों की मौत हुई थी। केंद्रीय जाँच टीम भी जिले में पहुँच गई है।

नीतीश कुमार इस गंभीर बीमारी पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस पर नज़र रखने को कहा है। उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सुदान मुजफ्फरपुर जाने वाले थे लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया। अब पहले दोनों मंत्री जाँच रिपोर्ट की टीम से हालात जानेंगे, उसके बाद मुजफ्फरपुर जाएँगे।

विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी होने के बावजूद राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव इससे मरने वालों की संख्या को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधान सचिव के मुताबिक, अब तक सिर्फ 35 बच्चों की मौत हुई है, जबकि मुजफ्फरपुर के डीएम 43 बच्चों की मौत बता रहे हैं। इससे ज़ाहिर होता है कि बिहार सरकार मौतों को लेकर राजनीति न हो इसलिए आंकड़े छिपाने की कोशिश में जुटी हुई है।