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महाराष्ट्र में 6000 और पंजाब में 11,000 कैदी होंगे रिहा, जोधपुर में भी उठी मांग

कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र और पंजाब में कैदियों को पैरोल और अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा। दोनों राज्यों की सरकारों के निर्णय के बाद राजस्थान के जोधपुर जेल में आसाराम बापू समेत एक हजार कैदियों ने पैरोल पर जमानत की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करके कैदियों की रिहाई से जुड़ी औपचारिकताओं को एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा,”जेलों से भीड़ कम करने के लिये सात साल या उससे कम सज़ा वाले करीब 11,000 कैदियों को पैरोल पर रिहा करने का निर्णय लिया गया है।”

पंजाब सरकार के जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया, “यहां से करीब 6000 कैदियों को रिहा किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से गठित उच्चस्तरीय कमेटी के सभी मापदंडों और प्रक्रिया को अपनाने के बाद यह निर्णय लिया गया। इसके तहत लंबी सजा वाले कैदियों को छह सप्ताह की पैरोल और हवालातियों को कुछ हफ्ते की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा। पोक्सो एक्ट, आईपीसी की धारा 376 , 389 बी, तेजाब हमले, यूएनपीए, विस्फोटक एक्ट और विदेशी नागरिकता के तहत सजा का सामना कर रहे कैदियों को रिहा नहीं किया जाएगा।”

जोधपुर जेल में 1355 कैदियों में से 1000 भूख हड़ताल पर हैं, जिसमें आसाराम बापू भी हैं। वहाँ कुछ कैदियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि जेल की स्थिति खराब है। बाहर से आने वाले नए कैदियों के कारण कभी भी कोरोना फैल सकता है। इस पर जेल अधीक्षक का कहना है कि बाहर से ज्यादा एहतियात जेल में बरती जा रही है। नए बंदियों की पूरी जाँच हो रही है।