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सीएए का विरोध करने वाले पाँच विदेशी नागरिकों को भारत छोड़ने का फरमान

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) के विरोध में कई विदेशी नागरिक भी सामने आए हैं। ऐसे में आप्रवासन ब्यूरो इसे वीज़ा नियमों का उल्लंघन मान रहा है। उसने ऐसे पाँच विदेशी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कह दिया है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद ने मंगलवार को लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा, “आप्रवासन ब्यूरो के अनुसार, सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में पाँच विदेशी नागरिक शामिल हुए। यह वीज़ा नियमों का उल्लंघन है। इन्हें भारत छोड़ने के लिए कहा गया है।”

विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने सीएए पर सर्वोच्च न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका दायर की है। साथ ही जेनेवा में भारत के स्थाई दूतावास को इसकी जानकारी दी है।

विदेश मंत्रालय ने कहा, “सीएए भारत का आंतरिक मामला है। यह कानून बनाने वाली भारतीय संसद के संप्रभुता के अधिकार से संबंधित है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “हमारा मानना है कि भारत की संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर किसी विदेशी पक्ष का कोई अधिकार नहीं बनता है। सीएए संवैधानिक रूप से वैध है और संवैधानिक मूल्यों का अनुपालन करता है।”