समाचार
उप्र में 442 परियोजनाएँ 100 लाख करोड़ की राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन में सम्मिलित

केंद्र सरकार ने मंगलवार (20 जुलाई) को कहा कि 100 लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) में उत्तर प्रदेश की 442 परियोजनाओं को सम्मिलित किया गया।

एनआईपी देश में पाँच वर्ष में 102 लाख करोड़ रुपये की प्रारंभिक स्वीकृत राशि के साथ सामाजिक और आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का एक समूह है। सर्वप्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पाइपलाइन परियोजनाओं को सार्वजनिक किया था।

उनकी घोषणा के उपरांत वित्त मंत्रालय ने एनआईपी पर एक टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसने गत वर्ष अप्रैल में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। उसने वित्त वर्ष 2019-25 की अवधि के दौरान 111 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का अनुमान लगाया था।

राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “उत्तर प्रदेश में कुल 442 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को एनआईपी में सम्मिलित किया है। इसमें कुल पूँजी परिव्यय 4,55,276 करोड़ रुपये और कुल परियोजना लागत 5,88,844 करोड़ रुपये है।”

मंत्री ने कहा, “इन परियोजनाओं में से वित्त वर्ष 2020-2025 के लिए 3,38,400 करोड़ रुपये के पूँजी परिव्यय के साथ 330 परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रालयों/उत्तर प्रदेश राज्य द्वारा इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड में लिया जाएगा। वहीं, वित्त वर्ष 2020-25 के लिए 71,790 करोड़ रुपये के पूंजी परिव्यय के साथ सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में 42 परियोजनाएँ और व्यक्तिगत लाभार्थी के नेतृत्व वाले निर्माण के तहत 35,457 करोड़ रुपये के पूंजी परिव्यय के साथ दो परियोजनाएँ आरंभ की जाएँगी।”