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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने की दौड़ में चार भारतीय कंपनियाँ, 2020 से होगी शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना का निर्माण उनके निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में तेजी से आगे बढ़ रहा है और परियोजना के निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होने वाला है।

फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के अनुसार गुरुवार (12 दिसंबर) को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और श्री काशी विश्वनाथ विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विशाल सिंह ने ट्विटर पर जानकारी दी कि बनारस में एक पूर्व-बोली बैठक हुई थी और जल्द ही परियोजना का निर्माण शुरू होगा।

दिल्ली की शापूरजी इंजीनियरिंग कंपनी, एलएंडटी और अहमदाबाद की पीएपी प्रोजेक्ट लिमिटेड को मिलाकर अभी तक काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के निर्माण हेतु चार भारतीय कंपनियाँ सामने आईं हैं।

विशाल सिंह ने कहा, “अक्टूबर की शुरुआत में निर्माण कार्य हेतु निविदा मंगवाई गई थी और हमने गुरुवार को संभावित बोली लगाने वालों के साथ एक पूर्व-बोली बैठक आयोजित की। शापूरजी, पीएपी और एलएंडटी, आदि से हमारा अच्छा प्रतिनिधित्व था।”

सिंह ने कहा, “बैठक के बाद, हमने उन्हें परियोजना का विवरण प्रस्तुत किया जैसे कि वे क्या करने जा रहे हैं, योजना क्या है, परियोजना के मूल प्रमुख बिंदु क्या हैं, धार्मिक भवनों का पुनर्निर्माण और एक ऐसे क्षेत्र का निर्माण जो अगले 100 साल से अधिक समय तक रखरखाव मुक्त रहे, विषयों पर चर्चा हुई।”

सीईओ ने कहा कि बोली लगाने वालों को इस परियोजना की वर्तमान तत्परता और बाधाओं से रूबरू कराने के लिए मंदिर भी ले जाया गया था। “सभी बोली लगाने वाले इसे लेकर काफी उत्साहित थे।” सीईओ ने कहा।

सिंह ने कहा कि क्योंकि काशी विश्वनाथ मंदिर पूरे वर्ष खुला रहता है, इसलिए तीर्थयात्रियों की आवाजाही में बाधा को कम करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

“हम 2020 में जनवरी के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद करते हैं।” उन्होंने कहा।

परियोजना के लिए निविदा 21 दिसंबर को खुलेगी जबकि तकनीकी सलाहकार महीने के अंत तक नियुक्त होंगे।