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चीन के साथ तीसरे दौर की वार्ता 12 घंटे तक चली, भारत ने कहा, “पीछे हटना ही होगा”

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनाव को कम करने के लिए चुशुल सेक्टर में मंगलवार (30 जून) को कोर कमांडर स्तर की 12 घंटे तक वार्ता हुई। इस दौरान भारत ने साफ कर दिया कि चीनी सेना को हर कीमत पर पीछे हटना होगा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों की सेनाओं के बीच बैठक का तीसरा दौर रात 11 बजे खत्म हुआ। इससे पूर्व, एलएसी पर दो दौर की बैठक चीन की तरफ मोल्डो में हुई थी।

भारतीय दल का नेतृत्व 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन का नेतृत्व तिब्बत सैन्य जिला के मेजर जनरल लिउ लिन ने किया था। सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि 2 जून को हुई कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के दूसरे दौर में दोनों पक्ष आपसी सहमति से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पीछे हटने के लिए सहमत हो गए थे।

दोनों देशों के बीच 6 जून को पहले दौर की बैठक हुई थी। इसमें शांतिपूर्ण तरीके से संबंधों को आगे बढ़ाने पर वार्ता हुई थी। हालाँकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि वह एलएसी पर पहले की स्थिति बनाए और गलवान घाटी और अन्य क्षेत्रों से अपने सैनिकों को तत्काल हटाए। 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे और कई चीनी सैनिक भी मारे गए थे।