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सीएए विरोध- बंगाल में प्रदर्शन के दौरान दो की मौत, कोलकाता में बना रहा शाहीन बाग

पूरे देश भर में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोध में हो रहे प्रदर्शन अभी भी जारी है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में ऐसे ही प्रदर्शन के दौरान दो गुटों के बीच शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जिसके बाद दोनों गुटों की ओर से एक-दूसरे पर देसी बम फेंके गए और गोलियाँ भी चलीं।

अमर उजाला की खबर के अनुसार पुलिस ने बताया कि हिंसक झड़प में दो लोगों की मृत्यु हो गई जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ। घायलों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हिंसक झड़प की खबर मिलने के बाद परिस्थिति को नियंत्रण में लेने हेतु पुलिस मौके पर पहुँची।

वहीं कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में सीएए विरोध में धरने पर बैठी 60 मुस्लिम महिलाओं ने बुधवार (29 जनवरी) को 23वें दिन भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। कोलकाता के इस मैदान को लोग कोलकाता का शाहीन बाग कहने लगे हैं। इन 60 महिलाओं में गृहणियों से लेकर पेशेवर महिलाएँ तक शामिल हैं जिनके मैदान से हटने का फिलहाल कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहा है।

धरने पर बैठी महिलाओं में से एक गृहिणी परवीन नज़ीर का मानना है कि सीएए विरोध में हो रहे प्रदर्शन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि प्रदर्शनकारी किसी राजनीतिक समूह से नहीं जुड़े हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी एकमात्र पहचान यह है कि हम भारतीय हैं और हम महिलाएँ हैं जो किसी ताकत से नहीं डरती।” भाजपा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये प्रदर्शनकारी भारतीय नहीं बल्कि घुसपैठिए हैं, जिसपर नजीर ने पलटवार करते हुए कहा कि हम कई पीढ़ियों से यहाँ रह रहे हैं और सदियों से हिंदुओं के साथ दुर्गा पूजा समारोहों में भाग लेते आ रहे हैं।

लोकसभा में नेता विपक्ष अधीर रंजन चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम, वामपंथी नेता मोहम्मद सलीम के अलावा कई गायक, रंगमंच के कलाकार और सामाजिक कार्यकर्ता हाल के दिनों में इस स्थल का दौरा कर चुके हैं।