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दिल्ली दंगों की पुलिस जाँच को 26 सेवानिवृत्त आईपीएस का समर्थन, आलोचकों पर हैरान

दिल्ली पुलिस का समर्थन करते हुए 26 सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों ने अपने ही कुछ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी साथियों के आचरण पर आश्चर्य जताया है। इस वर्ष के अंत में दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों को लेकर पुलिस की जाँच में की गई पूछताछ पर कुछ ने प्रश्न चिह्न लगाए थे।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा की गई जाँच को अपना समर्थन देते हुए पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त जूलियो रिबेरियो सहित दस पूर्व साथी आईपीएस अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस तरह की भारत विरोधी अभिव्यक्ति और सांप्रदायिक हिंसा का समर्थन करने के लिए रिबेरो और अन्य पर आश्चर्य व्यक्त किया है।

26 पूर्व शीर्ष पुलिस ने शुक्रवार (18 सितंबर) को जारी एक बयान में कहा, “दिल्ली पुलिस के पास ऐसे किसी भी व्यक्ति की भूमिका की जाँच करने का अधिकार और कर्तव्य है। साथ ही हिरासत में लेकर जाँच करना कानून की उचित प्रक्रिया का एक हिस्सा है।”

उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारियों का एक वर्ग किसी को निर्दोष घोषित करने के लिए अदालत की शक्तियों को बेकार नहीं कर सकता है। वे पुलिस की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा के अपने उत्तराधिकारियों की ईमानदारी या व्यावसायिकता पर संदेह करने का कोई अधिकार नहीं है।”

26 सेवानिवृत्त अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि उनकी इस तरह की प्रतिकूल टिप्पणी सेवारत पुलिस अधिकारियों के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के संकल्प को कमजोर कर सकती है, जो भारत में सांप्रदायिक दंगे भड़काने वाले सांप्रदायिक विभाजन भी शामिल रहे हैं।