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चेन्नई में कोविड-19 से हुई 236 मौतें तमिलनाडु सरकार के आँकड़े में नहीं

चेन्नई में नगर निगम के रजिस्टर में पाया गया कि 8 जून तक कोविड-19 से कम से कम 460 लोगों की मौत हो चुकी है। यह संख्या सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशालय (डीपीएच) के घोषित आँकड़ों से लगभग दोगुनी है।

डीपीएके अधिकारियों ने मंगलवार को रिपन भवन का दौरा किया। यहाँ पाया गया कि ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा बनाए गए मृत्यु रजिस्टर में राज्य के रजिस्टर की तुलना में 236 अधिक मौतें दर्ज की गई थीं। अगर इन मौतों को जोड़ा जाए तो राज्य के अधिकारियों द्वारा बनाई गई रिपोर्ट के 0.7 प्रतिशत के मुकाबले राज्य में मृत्यु दर 1.5 प्रतिशत के करीब होगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया कि पेरम्बूर के रेलवे अस्पताल में संक्रमण से 20 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बारे में राज्य के नोडल कार्यालय को सूचित नहीं किया गया था। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयबास्कर ने कहा, “हम मौत के आँकड़ों को छिपाना नहीं चाहते हैं।”

स्वास्थ्य सचिव नीला राजेश ने कहा, “जिन सरकारी और निजी अस्पतालों ने राज्य और नगर निगम को कोविड-19 से हुई मौतों की जानकारी नहीं दी हैं, हम उनका पता लगा रहे हैं। एक सप्ताह में इस मुद्दे के हल के लिए समिति बनाई गई है। डीपीएच ने जानकारी न देने वाले अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक डॉक्टर टीएस सेल्विनायागम ने ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन कमिश्नर जी प्रकाश को लिखे पत्र में कहा, “राज्य ने डीपीएच (ओएसडी) डॉक्टर पी वडिवलान की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो चेन्नई निगम के संबंध में कोविड-19 से होने वाली मौतों की रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी।