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एचएएल के बनाए दो हल्के लड़ाकू विमान चीन से तनातनी के बीच लद्दाख क्षेत्र में तैनात

चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर जारी तनातनी के बीच हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा बनाए गए दो हल्के लड़ाकू विमानों को लद्दाख क्षेत्र में तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य कम समय में भारतीय वायुसेना की मदद करना है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एचएएल के अध्यक्ष आर माधवन ने बुधवार (12 अगस्त) को जारी बायन में कहा, “यह दुनिया का सबसे हल्का लड़ाकू विमान है। इसे भारतीय सेना के जवानों की खास आवश्यकताओं को देखते हुए एचएएल की तरफ से तैयार किया गया है। यह आत्मनिर्भर भारत में हमारी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।”

सरकार की तरफ से संचालित लड़ाकू विमानों को बनाने वाले एचएएल की तरफ से यह उम्मीद की जा रही है कि उसे वर्ष के अंत तक 15 हल्के लड़ाकू विमानों को बनाने का ऑर्डर मिल जाएगा। इनमें 10 भारतीय वायुसेना के लिए होंगे, जबकि पाँच सेना के लिए होंगे। भारतीय वायुसेना और सेना दोनों को 160 हल्के लड़ाकू विमानों की आवश्यकता है।

सरकार ने अगले 5 वर्षों तक हथियार और बारूद से जुड़े जिन 101 चीजों के आयात पर बैन लगाया है, उसमें हल्के लड़ाकू विमान भी शामिल हैं।