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पाकिस्तान के सिंध में 171 भील हिंदुओं का धर्मांतरण- मानवाधिकार कार्यकर्ता का दावा

मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन का दावा है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 171 हिंदुओं को रविवार को इस्लाम में परिवर्तित किया गया।

उन्होंने कहा, “सामूहिक धर्म परिवर्तन समारोह सिंध में संघर के मदरसे अहसन-उल-तलीम में आयोजित किया गया था। इस दौरान इस्लामी विचारधारा परिषद के पूर्व सदस्य नूर अहमद तशर ने सबका धर्म परिवर्तन करवाया।”

रिपोर्ट में बताया गया कि हिंदू भील समुदाय को लक्षित करके उनका धर्म परिवर्तन करवाया गया। यह समुदाय पाकिस्तान में हाशिए पर है। यह सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा है। उनके धर्म परिवर्तन कई प्रलोभनों पर किए गए थे।

जून में सिंध प्रांत के बदिन जिले में 100 से अधिक हिंदुओं को इस्लाम में धर्मांतरित किया गया था। कथित तौर पर एक स्थानीय मंदिर में रखी हिंदू देवताओं की मूर्तियों को नष्ट कर दिया गया और परिसर को मस्जिद में तब्दील कर दिया गया।

महामारी के दौरान कई मीडिया चैनलों ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि उपमहाद्वीप के इस्लामी देशों में हाशिए पर आए हिंदू समुदायों को मिलने वाले लाभ से बाहर कर दिया गया था। ऐसे में इस्लामवादियों ने उनकी मजबूरी का फायदा उठाया।

एनवाईटी की रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान में हिंदू भेदभाव और वायरस से ग्रस्त अर्थव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। वह वहाँ पर जीवत रहने के लिए खुद को परिवर्तित कर रहे हैं।

टीओआई की एक अप्रैल 2020 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि सरकार से राशन प्राप्त करने के लिए कराची में हिंदू एकत्रित हुए थे। उन्हें बाद में यह कहते हुए वापस कर दिया गया था कि राशन केवल मुसलमानों को दिया जाएगा।

एएनआई ने एक सामजिक कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्ज़ा के हवाले से कहा था कि पाकिस्तान में हिंदू गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे और भारत सरकार को राजस्थान के माध्यम से उनके लिए खाद्य पदार्थ भेजने चाहिए।