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15वें वित्त आयोग की रिपोर्ट 9 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी जाएगी

15वाँ वित्त आयोग 9 नवंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को 2021-22 से 2025-26 तक के वित्तीय वर्षों के लिए अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगा।

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में यह पता चला था कि चालू वित्तीय वर्ष को शून्य वर्ष के रूप में माना जाएगा और इसलिए सिफारिशें वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की जाएँगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने रिपोर्ट प्राप्त करेंगे, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद के अगले सत्र के दौरान इसे पेश करेंगी। वह सांसदों के सामने कार्रवाई रिपोर्ट भी रखेंगी। आयोग का नेतृत्व एनके सिंह करते हैं, जो एक अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और पूर्व नौकरशाह हैं।

समिति ने स्थानीय, राज्य व केंद्र सरकार और वित्त आयोग के पिछले सदस्यों के अलावा विभिन्न डोमेन विशेषज्ञों के साथ विभिन्न स्तरों पर परामर्श किया। एक खास कदम के रूप में 15वें वित्त आयोग को सरकार के लिए राजकोषीय समेकन के रोडमैप के साथ आने का काम सौंपा गया था। यह बताया जाता है कि कोविड -19 महामारी के बाद आयोग ने अपनी योजनाओं को पूरी तरह से बदल दिया था।

इससे पूर्व, यह सामने आया था कि रिपोर्ट में रक्षा खर्च की जाँच एलएसी पर चीन के साथ चल रहे टकराव के परिप्रेक्ष्य में की जाएगी। एनके सिंह ने पूर्व में यह जाहिर किया था कि सिफारिशों के सेट में एक संपूर्ण अध्याय स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही महामारी पर विचार करने के लिए चिंतित होगा।