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लक्ष्य से 10 वर्ष पूर्व? 2020 तक भारत में 40 प्रतिशत अक्षय (रिन्युएबल) ऊर्जा

संभावित रूप 40 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा का लक्ष्य भारत 2020 तक ही पूरा कर लेगा जबकि समय सीमा 2030 की थी।

वैश्विक स्तर पर जलवायु से लड़ने के लिए भारत के तीन मुख्य वादों में से एक था कि 2030 तक यह 40 प्रतिशत उर्जा की आपूर्ति अक्षय ऊर्जा से करेगा। अन्य दो लक्ष्य थे- 2030 तक विशाल स्तर पर वृक्षारोपण कर 2.5 से 3 अरब टन तक का कार्बन सिंक उत्पन्न करना और 2005 की तुलना में 2030 तक प्रति जीडीपी उत्सर्जन को 33 से 35 प्रतिशत तक कम करना।

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधिकारियों ने माना कि हो सकता है वृक्षारोपण का लक्ष्य नहीं पाया जा सके, लेकिन अन्य दो लक्ष्य भारत आसानी से पूरा कर लेगा।

“ऊर्जा अर्थ और वित्तीय विश्लेषण संस्थान (आईईईएफए) ने आँकलन किया है कि मार्च 2019 तक भारत की थर्मल ऊर्जा क्षमता 226 गीगावाट हो जाएगी, यानि की कुल 360 गीगावाट ऊर्जा को 63 प्रतिशत। 2019 के अंत तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन से बनी ऊर्जा पहली बार 40 प्रतिशत की भागीदारी का आँँकड़ छूएगी।”, इंडियन एक्सप्रेस  से आईईईएफए ने कहा।

दावा किया जा रहा है कि 2027 तक सौर्य, पवन और बायोमास जैसे स्वच्छ स्रोतों से 275 गीगावाट ऊर्जा उत्पन्न की जाएगी जो 619 गीगावाट की भारत की कुल ऊर्जा का 44 प्रतिशत होगा।