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अफगान दूतावास में अशरफ गनी के चित्रों का स्थान एफवीपी अमरुल्ला सालेह ने लिया

तज़ाकिस्तान में अफगानिस्तान दूतावास ने अपने परिसर से अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के चित्र हटा दिए हैं और उनके स्थान पर अमरुल्ला सालेह के चित्र लगा दिए हैं। सालेह ने मंगलवार (17 अगस्त) को स्वयं को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया था।

यह विकास तब आया, जब राष्ट्रपति अशरफ गनी युद्धग्रस्त देश से भाग गए और तालिबान ने अफगानिस्तान में राष्ट्रपति भवन पर अपना नियंत्रण प्राप्त कर लिया।

अफगानिस्तान के संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए अमरुल्ला सालेह ने स्वयं को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित कर दिया।

उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, पलायन, पद त्यागने या मृत्यु में, प्रथम उपाध्यक्ष (एफवीपी) कार्यवाहक राष्ट्रपति बन जाता है। मैं वर्तमान में अपने देश में हूँ और वैध देखभाल करने वाला राष्ट्रपति हूँ।”

इसके बाद अमरुल्ला सालेह ने एक ऑडियो संदेश में कहा, “चूँकि, राष्ट्रपति अशरफ गनी देश छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने प्रभावी रूप से अपनी जिम्मेदारियों और पद को खाली छोड़ दिया है। मैं वर्तमान में अफगानिस्तान का वैध कार्यवाहक राष्ट्रपति हूँ क्योंकि मैं देश में हूँ।”

अफगान नेता ने 15 अगस्त को तालिबान आतंकवादियों के काबुल पहुँचने के बाद देश नहीं छोड़ा। माना जाता है कि वे पंजशीर घाटी (काबुल के उत्तर-पूर्व) में हैं, जो तालिबान के विरुद्ध लड़ाई में देश का आखिरी बचा हुआ स्थान है।

अमरुल्ला सालेह ने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यह स्थिति क्यों हुई, इसके कई कारण हैं। मैं विदेशी सेनाओं के अपमान और शर्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं हूँ। मैं अपने देश के लिए खड़ा हूँ और युद्ध खत्म नहीं हुआ है।”