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नया ई-चालान मानदंड 1.8 लाख नई कंपनियों को जीएसटी पंजीकरण से जोड़ देगा- रिपोर्ट

20 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक कारोबार वाली कंपनियों के लिए व्यवसाय-से-व्यवसाय (बी2बी) लेन-देन के अनिवार्य ई-चालान से जीएसटी पंजीकरण में 75 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

इससे स्पष्ट होता है कि यह नई प्रणाली समग्र डाटाबेस में लगभग 1,80,000 जीएसटी पहचान संख्या (जीएसटीआईएन) जोड़ देगी। यह नियम 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी होगा।

500 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार करने वाली कंपनियों के लिए बी2बी लेन-देन हेतु ई-चालान अक्टूबर 2020 में अनिवार्य कर दिया गया था।

फिर 1 जनवरी, 2021 और 1 अप्रैल, 2021 को क्रमशः 100 करोड़ रुपये और 50 करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार करने वाली कंपनियों के लिए प्रावधान बढ़ाया गया था।

मिंट ने घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के हवाले से बताया, “छोटी और मध्यम संस्थाओं को कवर करने का दायरा बढ़ाने से ना केवल जीएसटी क्षेत्र का विस्तार करने में सहायता मिलेगी बल्कि होने वाले रिसाव को भी रोका जा सकेगा।”

सूत्र ने आगे कहा, “वर्तमान में 50 करोड़ रुपये से अधिक वार्षिक राजस्व सीमा के लिए लगभग 240,000 पात्र जीएसटीआईएन हैं। हम अप्रैल में सीमा को घटाकर 20 करोड़ रुपये करके कम से कम 75 से 80 प्रतिशत अधिक के जुड़ने की अपेक्षा कर रहे हैं। ई-चालान ने अनुपालन में सुधार करने में सहायता की है, जो सशक्त जीएसटी संग्रह में दिखाई देता है। यह कर चोरी को रोकने में भी सहायता करता है।”

ई-चालान से चालान में हेर-फेर की संभावना बहुत कम हो जाती है और इस तरह यह सुनिश्चित करता है कि केवल वास्तविक इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा किया जाता है।