समाचार
पोर्ट ब्लेयर में 1,200 यात्रियों हेतु नया टर्मिनल भवन निर्माणाधीन, 2022 तक का लक्ष्य

अंडमान-निकोबार के प्राचीन द्वीपों के प्रवेश द्वार पोर्ट ब्लेयर में स्थित वीर सावरकर अंतर-राष्ट्रीय हवाई अड्डे में शीघ्र ही लगभग 707.73 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक नया टर्मिनल भवन बनने जा रहा है, जो व्यस्त समय के दौरान 1,200 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा।

यात्री यातायात में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 40,837 वर्गमीटर के कुल निर्मित क्षेत्र के साथ एक नए एकीकृत टर्मिनल भवन के निर्माण का काम शुरू किया है।

तीन मंजिला नए भवन से वार्षिक लगभग 40 लाख यात्रियों को संभालने की अपेक्षा की जा रही है।

भूतल का उपयोग दूरस्थ आगमन, बस लाउंज और सेवा क्षेत्र के रूप में किया जाएगा। ऊपरी भूतल का उपयोग यात्रियों के प्रस्थान और आगमन के लिए टर्मिनल भवन तक पहुँच के रूप में किया जाएगा। वहीं, पहली मंजिल का अंतर-राष्ट्रीय यात्रियों के लिए सुरक्षा होल्ड एरिया (एलएचए) के रूप में उपयोग किया जाएगा।

प्रकृति से प्रेरित होकर पोर्ट ब्लेयर में बन रहे टर्मिनल का डिजाइन समुद्र और द्वीपों को दर्शाने वाले एक खोल के आकार की संरचना का है। पूरे टर्मिनल में दिन में 12 घंटे के लिए 100 प्रतिशत प्राकृतिक प्रकाश की व्यवस्था होगी, जो छत के साथ रोशनदानों द्वारा प्राप्त होगी।

विश्व स्तरीय भवन 28 चेक-इन काउंटर, तीन यात्री बोर्डिंग ब्रिज और चार कन्वेयर बेल्ट से लैस होगा। एयरपोर्ट के सिटी साइड क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा, जिसमें लैंडस्केपिंग के साथ कारों, टैक्सियों और बसों के लिए पर्याप्त पार्किंग की सुविधा होगी।

परियोजना का 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और विकास परियोजना को अक्टूबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नए टर्मिनल भवन के संचालन से पर्यटन उद्योग के विस्तार को बढ़ावा मिलेगा और इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।