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एनसीईआरटी शोध व परामर्श के बाद इतिहास सहित सभी विषयों की पुस्तकें तैयार करेगा

केंद्र सरकार ने गुरुवार (5 अगस्त) को कहा कि इतिहास सहित सभी विषयों की नई पाठ्यपुस्तकें व्यापक शोध और परामर्श के बाद तैयार की जाएँगी।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुगलों और अंग्रेजों का झूठा महिमामंडन कर वर्तमान इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में भारतीय राजाओं और राज्यों को बहुत कम या कोई स्थान नहीं दिए जाने के संबंध में कहा, “राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सूचित किया कि इतिहास सहित अन्य पाठ्यपुस्तकों की वर्तमान श्रेणी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफ) 2005 के आधार पर तैयार की गई है।”

उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की घोषणा के परिणामस्वरूप एक नया एनसीएफ तैयार किया जा रहा है। इसके उपरांत व्यापक शोध और परामर्श के बाद इतिहास सहित सभी विषयों में नई पाठ्यपुस्तकों को तैयार किया जाएगा।”

इससे पूर्व, जनवरी में एनसीईआरटी के पूर्व प्रमुख जेएस राजपूत और भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) के प्रतिनिधियों द्वारा शिक्षा पर एक संसदीय स्थायी समिति को बताया गया था कि स्कूलों में वर्तमान इतिहास की पाठ्यपुस्तकों में भारत पर आक्रमण करने वाले मुगल शासकों का महिमामंडन करने वाली बहुत सी सामग्री है, जबकि भारतीय शासकों की भूमिका का बहुत कम उल्लेख है। इसके परिणामस्वरूप प्राचीन भारतीय इतिहास को विकृत किया गया है।