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नवजोत सिंह सिद्धू ने नहीं किया आत्मसमर्पण, सर्वोच्च न्यायालय नहीं करेगा जल्द सुनवाई

नवजोत सिंह सिद्धू रोड़ रेज के तीन दशक पुराने मामले में शुक्रवाार (20 मई) को पटियाला न्यायालय में आत्मसमर्पण करने नहीं पहुँचे। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर कुछ सप्ताह का समय मांगा है।

न्यूज़-18 की रिपोर्ट के अनुसार, नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया था। उनके वकील मनु सिंघवी ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण से याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की लेकिन जल्द सुनवाई से मना कर दिया गया। अब उन्हें शीघ्र ही आत्मसमर्पण करना पड़ सकता है।

34 वर्ष पुराने मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने सिद्धू को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। दरसअल, 27 दिसंबर 1988 को पटियाला में गाड़ी पार्किंग में 65 वर्ष के वृद्ध गुरनाम सिंह से सिद्धू का झगड़ा हो गया था। इस पर सिद्धू ने उन्हें मुक्का मार दिया था, जिसके बाद पीड़ित की मृत्यु हो गई थी। इस पर सिद्धू और उनके मित्र रूपिंदर सिंह पर गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

पीड़ित गुरनाम सिंह के परिवार ने कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से संतुष्ट हैं। गुरनाम सिंह की बहू परवीर कौर ने कहा, “हमने नवोजत सिंह सिद्धू के कद पर कभी ध्यान नहीं दिया। हमारा लक्ष्य सिर्फ आरोपी को सजा दिलाना था, जिसमें सफल रहे।”

नवजोत सिंह सिद्धू के पास इस निर्णय के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में उपचारात्मक याचिका दायर करने का विकल्प है लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के अगले आदेश तक वे जेल जाने से नहीं बच सकते हैं।