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जम्मू में 6, कश्मीर में 1 सीट के गठन के प्रस्ताव पर नेशनल कॉन्फ्रेंस व पीडीपी को आपत्ति

जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों का परिसीमन कर रहे आयोग ने जम्मू में छह और कश्मीर में एक सीट गठित करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही 16 सीटों के आरक्षण का भी प्रस्ताव दिया, जिनमें से 9 सीटें जनजातीय समुदायों व 7 सीटें दलित वर्ग के लिए आरक्षित होंगी। अब परिसीमन आयोग की इस रिपोर्ट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने आपत्ति जताई है।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। वहीं, पीडीपी ने भी रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि भाजपा के कहने पर आयोग ऐसा कर रहा है।

पहली बार परिसीमन आयोग की बैठक में सम्मिलित हुए फारूक अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अन्य नेताओं ने रिपोर्ट पर आपत्ति जताई। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि सीटें निश्चित करने के मामले में पक्षपात हुआ है। जम्मू-कश्मीर के प्रस्तावित चुनावी मानचित्र को लेकर भाजपा से करीबी रखने वाली पार्टियों जेके अपनी पार्टी व पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने भी  इस पर आपत्ति जताई है।

आयोग ने बैठक में नेताओं को बताया कि पिछली बार हुए परिसीमन के बाद से अब जिलों की संख्या बढ़कर 12 से 20 हो गई है। तहसीलें भी बढ़कर 52 से 207 हो गई हैं। जनसंख्या का घनत्व भी अलग है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर 20 जिलों को ए, बी व सी वर्ग में विभाजित किया गया है। विधानसभाओं का गठन जनसंख्या और क्षेत्र के अनुपात में किया गया है।

बता दें कि फिलहाल जम्मू में 37 और कश्मीर में 46 सीटें आती हैं। प्रस्ताव के अनुसार, जम्मू में अब 43 सीटें हो जाएँगी, जबकि कश्मीर में 47 सीटें हो जाएँगी।