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राष्ट्रगान के अपमान मामले में मुंबई न्यायालय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जारी किया समन

मुंबई की एक न्यायालय ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शहर की यात्रा के दौरान राष्ट्रगान का कथित तौर पर अनादर करने के मामले में समन जारी किया और उन्हें 2 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया।

न्यायालय ने यह भी कहा कि यद्यपि ममता बनर्जी एक मुख्यमंत्री हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई पर आगे बढ़ने के लिए स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है और इस पर किसी तरह की रोक नहीं लागू होती है क्योंकि वे अपने आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर रही थीं (गत वर्ष दिसंबर में मुंबई में आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान)।

मुंबई भाजपा इकाई के पदाधिकारी विवेकानंद गुप्ता दिसंबर 2021 में मझगाँव में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट न्यायालय पहुँचे, जहाँ आरोप लगाया गया कि ममता बनर्जी, जो तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख भी हैं, ने शहर की यात्रा के दौरान राष्ट्रगान का अनादर किया था।

उन्होंने मांग की कि उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाए। न्यायालय ने कहा कि यह प्रथम दृष्टया शिकायत, शिकायतकर्ता के सत्यापन बयान, डीवीडी में वीडियो क्लिप और यूट्यूब लिंक पर वीडियो क्लिप से स्पष्ट है कि आरोपी ने राष्ट्रगान गाया और अचानक रुक गया और मंच छोड़ दिया। यह प्रथम दृष्टया पुष्ट करता है कि आरोपी ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 की धारा 3 के तहत दंडनीय अपराध किया है।

बता दें कि ममता बनर्जी ने गत वर्ष मुंबई दौर पर गई थीं। उस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और एनसीपी के नेताओं से भेंट की थी।

विवेकानंद गुप्ता ने दावा किया था कि ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के 2015 के आदेश का उल्लंघन किया है, जिसमें कहा गया है कि जब भी राष्ट्रगान बजाया या गाया जाता है तो दर्शक ध्यान आकर्षित करेंगे।