इन्फ्रास्ट्रक्चर
नागपुर मेट्रो व एनचएआई ने सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर बनाने का रिकॉर्ड बनाया

महाराष्ट्र में नागपुर मेट्रो रेल परियोजना ने एक एलिवेटेड हाईवे के साथ सबसे लंबे डबल डेकर वायडक्ट और सिंगल-कॉलम पियर पर मेट्रो रेल का निर्माण करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इस इंजीनियरिंग उपलब्धि को मान्यता दी है। उन्होंने डबल डेकर वायडक्ट पर तीन मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के एक और रिकॉर्ड को भी मान्यता दी है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, “बैग में एक और विश्व रिकॉर्ड! नागपुर में विश्व रिकॉर्ड हासिल करने पर टीम महा मेट्रो और टीम एनएचएआई को हार्दिक बधाई।”

3.1 किलोमीटर लंबे इस डबल डेकर वायडक्ट को नागपुर के वाधा रोड पर महा मेट्रो और एनएचएआई ने संयुक्त रूप से बनाया है।

इस डबल डेकर वायडक्ट ने तीन परत वाले परिवहन गलियारे को संभव करके दिखाया है। इसकी पहली परत पर पहले मौजूद राजमार्ग था। दूसरी परत पर फ्लाईओवर राजमार्ग और तीसरी परत पर नागपुर मेट्रो रेल हो गई है।

फ्लाईओवर हाईवे नौ मीटर पर और मेट्रो 20 मीटर की ऊँचाई पर बना हुए हैं। इस बहुस्तरीय गलियारे के 2.7 किमी के दूसरे तल पर जहाँ चार लेन की सड़क है, वहीं आधे किमी में छह लेन की सड़क है।

एनएचएआई ने इस वायडक्ट को बनाने के लिए आरआईबी और स्पाइन तकनीक का इस्तेमाल किया है।

इस डबल डेकर पुल के साथ बने तीन मेट्रो स्टेशन छत्रपति चौक, जयप्रकाश नगर और उज्ज्वल नगर हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से भूमि अधिग्रहण और निर्माण लागत में बचत हुई है और हवाई अड्डे तक यात्रा के समय को पहले के 30 मिनट से घटाकर मात्र 4 मिनट कर दिया गया है।

फरवरी 2021 में केंद्र सरकार ने नागपुर मेट्रो के चरण-2 के लिए 5,976 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। नागपुर मेट्रो रेल चरण-2 परियोजना 32 स्टेशनों के साथ 43.8 किलोमीटर की लंबाई में फैली हुई है। यह नागपुर जिले के ग्रामीण हिस्सों को कवर करेगी और चल रहे पहले चरण के विस्तार के रूप में काम करेगी।

जिस तरह से नागपुर चरण-1 है, उसी तरह चरण-2 में भी चार गलियारे हैं और वे पूरी तरह से एलिवेटेड होंगे।