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मुंबई की कोलाबा-सीप्ज़ ​​मेट्रो रेल लाइन-3 को पूरा होने में ढाई वर्ष लग सकते हैं- अधिकारी

मुंबई की कोलाबा-सीप्ज़ ​​मेट्रो रेल लाइन-3 को पूरा होने में दो से ढाई वर्ष का समय लग सकता है क्योंकि सुरंग की खोदाई के कुछ भाग शेष रहने के साथ  स्टेशनों के निर्माण सहित कई काम अब भी लंबित हैं। यह जानकारी मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

विशेष रूप से शिवसेना की अगुआई वाली महाराष्ट्र सरकार ने पहले मेट्रो कार शेड को आरे कॉलोनी से उपनगरीय कांजुरमार्ग में स्थानांतरित करने का निर्णय किया था। इस कारणवश महत्वाकांक्षी भूमिगत मेट्रो रेल परियोजना में देरी हुई।

कांजुरमार्ग क्षेत्र में कार डिपो निर्माण के लिए राज्य द्वारा निर्धारित भूमि के मालिकाना हक को लेकर केंद्र और राज्य सरकार में खींचतान चल रही थी।

इस कार्य के एक बार पूरा हो जाने पर शहर की यह पहली भूमिगत मेट्रो लाइन दक्षिण मुंबई और पश्चिमी उपनगरों से शहर के हवाई अड्डे को संयोजकता प्रदान करेगी।

गुरुवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए एमएमआरडीए के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर एसवीआर श्रीनिवास ने कहा, “मुंबई मेट्रो लाइन-3 को पूरा होने में कम से कम दो से ढाई वर्ष लगेंगे क्योंकि डिपो के अलावा और भी बहुत से कार्य शेष हैं।”

उन्होंने कहा, “स्टेशनों के निर्माण व सिग्नलिंग, दूरसंचार, ऊपर से जाने वाले तारों व नियंत्रण केंद्र जैसे अन्य कार्यों के अतिरिक्त 33.5 किलोमीटर लाइन पर एक और 1.5 किमी लंबी सुरंग खोदने का कार्य लंबित है।”

श्रीनिवास ने कहा, “एमएमआरडीए चेंबूर-वडाला-जैकब सर्कल एक पटरी की रेल वाले गलियारे को मुंबई मेट्रो लाइन-3 से जोड़ने और 200-250 मीटर तक बढ़ाने हेतु एक अध्ययन कर रहा है। हम इस बारे में एक महीने के भीतर निर्णय लेंगे।”